IUCN Status
: Not Applicable
- Trees
- Kota Rajasthan / jaipur
- Naturally grown
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बौहिनिया रेसमोसा (Bauhinia racemosa), जिसे सामान्यतः आपटा, बीड़ी पत्ता वृक्ष (Bidi Leaf Tree) अथवा कठमूली कहा जाता है, फैबेसी (उपकुल: Caesalpinioideae; पूर्व में Caesalpiniaceae) कुल का एक छोटा, टेढ़े तने एवं झुकी हुई शाखाओं वाला पर्णपाती वृक्ष है। यह सामान्यतः 3–5 मीटर ऊँचा होता है तथा भारत के शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में व्यापक रूप से पाया जाता है।
इसकी पत्तियाँ सरल, द्विखण्डित तथा गाय के खुर के समान (Bauhinia-प्रकार) होती हैं। पत्तियाँ लंबाई से अधिक चौड़ी (2–5 × 3–6 सेमी) होती हैं और इनका उपयोग पारंपरिक रूप से बीड़ी बनाने में किया जाता है। इसके छोटे, हरित-श्वेत (Greenish-white) रंग के पुष्प 5–10 सेमी लंबे ढीले रेसीम (Racemes) पुष्पक्रम में लगते हैं। प्रत्येक पुष्प में 5 संकीर्ण भालाकार पंखुड़ियाँ तथा 10 पुंकेसर होते हैं। फल 13–25 सेमी लंबे, कठोर, हल्के मुड़े हुए तथा फूले हुए शिम्ब (Pods) होते हैं, जिनमें 12–20 चपटे, चिकने, गहरे लाल-भूरे या काले रंग के बीज पाए जाते हैं।
इस वृक्ष का पुष्पन सामान्यतः फरवरी से मई के बीच होता है। महाराष्ट्र एवं गोवा में दशहरा के अवसर पर इसकी पत्तियों का आदान-प्रदान शमी की पत्तियों के साथ स्वर्ण (सोना) के प्रतीक के रूप में किया जाता है। यह वृक्ष औषधीय, सांस्कृतिक तथा आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है तथा इसकी छाल, पत्तियाँ एवं अन्य भाग पारंपरिक चिकित्सा में भी उपयोग किए जाते हैं।
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Racemose inflorescence
Ravi Kant Saini (19)