IUCN Status
- Trees
- Kota, Bundi / Jaipur Chittorgarh udaipur Ajmer Sawai Madhopur jodhpur baran jhalawar
- Cultivated
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Deciduous tree, up to 15 m tall; bark smooth, greyish, wood grey. Leaves clustered towards the ends of the branches, digitate, 5-7-foliolate; leaflets obovate-oblong or lanceolate, 5-13 x 3-5 cm, glabrous, apex cau-date-acuminate. Flowers white, solitary; axillary, pendulous on long pedun-cles. Capsules pale brown.
Fl. & Fr.:- june-march
Pc: © sonu Kumar
Source: efoi,foi, powo, iNat,ibp
Date: June2026
यह एक विशाल, दीर्घायु एवं पर्णपाती वृक्ष है। इसका मूल उद्गम अफ्रीका है, किंतु भारत में यह विशेष रूप से मध्य प्रदेश के मांडू (धार), गुजरात, राजस्थान तथा दक्कन क्षेत्र में पाया जाता है। इसका तना अत्यधिक मोटा, बोतलनुमा तथा जल संचय करने की क्षमता वाला होता है, जिससे यह लंबे समय तक सूखे को सहन कर सकता है। इसकी आयु कई सौ से लेकर हजारों वर्षों तक हो सकती है। इसकी पत्तियाँ हस्ताकार संयुक्त (Palmately compound) होती हैं, जिनमें सामान्यतः 5–7 पत्रक पाए जाते हैं। पुष्प बड़े, सफेद, लटकते हुए तथा रात्रि में खिलने वाले होते हैं, जिनका परागण मुख्यतः चमगादड़, पतंगों, एवं मधुमक्खियों द्वारा होता है। फल अंडाकार से बेलनाकार, कठोर खोल वाले तथा मखमली सतह वाले होते हैं। इनके भीतर सूखा, सफेद, खट्टा-मीठा एवं अत्यधिक पौष्टिक गूदा होता है, जो विटामिन C, कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर एवं एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। -
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Flowering twig with young leaves
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Flower closeup
Pollinator; Giant Honey Bee 🐝
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मध्य प्रदेश के मांडू क्षेत्र में पाए जाने वाले प्राचीन वृक्षों के कारण, इसके फल "मांडू इमली" के नाम से प्रसिद्ध हैं। "मांडू इमली" को यहां का भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication – GI) टैग प्राप्त है, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। इसके फल का उपयोग पेय, चटनी एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों में किया जाता है।
Mature fruits -
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Habitat & Habit -
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कल्प वृक्ष के रोंचक तथ्य
Detailed Poster with facts of Baobab


