IUCN Status
: Not Applicable
- Trees
- Jaipur, Rajasthan / Kota bundi baran jhalawar udaipur Chittorgarh Ajmer / Sawai madhopur, Kota, Bundi, udaipur, sirohi, rajsamand, dausa, alwar, jodhpur, nagour,
- Naturally grown
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सामान्यतः चिलबिल, कांजू, इंडियन एल्म (Indian Elm) अथवा जंगल कॉर्क ट्री कहा जाता है, उल्मेसी (Ulmaceae) कुल का एक बड़ा पर्णपाती वृक्ष है। यह भारत तथा दक्षिण एशिया के उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। वृक्ष सामान्यतः 15–18 मीटर ऊँचा होता है। इसकी छाल धूसर रंग की होती है, जिस पर फफोले जैसे उभार दिखाई देते हैं तथा पुराने वृक्षों में यह कॉर्क जैसी परतों के रूप में उतरती है।
इसकी पत्तियाँ एकांतर (Alternate), सरल, दीर्घवृत्ताकार से अंडाकार (Elliptic-ovate), 8–13 सेमी लंबी तथा 3.2–6.3 सेमी चौड़ी होती हैं। पत्ती का आधार गोल अथवा हृदयाकार, शीर्ष नुकीला तथा किनारे सामान्यतः पूरे (Entire) होते हैं। पत्तियों को मसलने पर इनमें से तीव्र एवं अप्रिय गंध निकलती है। पुष्प छोटे, हरित-पीले से भूरे रंग के, रोएँदार तथा गिरे हुए पत्तों के निशानों पर छोटे गुच्छों (Racemes या Fascicles) में लगते हैं। बाह्यदल सामान्यतः 4 तथा मखमली होते हैं।
फल गोलाकार समारा (Samara) होता है, जिसका व्यास लगभग 2.5 सेमी होता है। इसमें पतले, झिल्लीदार एवं जालीनुमा शिराओं वाले पंख होते हैं तथा बीच में चपटा बीज स्थित रहता है। यह फल वायु द्वारा आसानी से फैल जाता है।
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Holoptelea integrifolia -
Holoptelea integrifolia