Family: Phyllanthaceae

In Rajasthan, this family is represented by the following genera:

  1. Bridelia

    Bridelia retusa (L.) A.Juss.
    Bridelia retusa (L.) A.Juss.
  2. Flueggea

    Flueggea leucopyrus Willd.
  3. Phyllanthus

    Phyllanthus urinaria L.
    Phyllanthus virgatus G.Forst.
    Phyllanthus maderaspatensis L.
    Phyllanthus emblica L.
    Phyllanthus maderaspatensis L.
  • Jaipur / Rawatbhata, chittorgarh / Rawatbhata, chittorgarh / Jhunjhunun
  • Cultivated
  • Phyllanthus emblica, जिसे आँवला (Amla) या भारतीय गूसबेरी (Indian Gooseberry) कहा जाता है, एक छोटा से मध्यम आकार का पर्णपाती वृक्ष है, जिसकी ऊँचाई सामान्यतः 8–18 मीटर तक होती है। इसका तना टेढ़ा-मेढ़ा तथा शाखाएँ फैली हुई होती हैं। इसकी छोटी, सरल एवं लगभग बिना डंठल वाली पत्तियाँ पतली शाखाओं पर सघन रूप से लगी होती हैं, जिससे वे संयुक्त (पंखदार) पत्तियों जैसी प्रतीत होती हैं। इसके छोटे हरित-पीत (greenish-yellow) फूल एकलिंगी होते हैं तथा नर और मादा फूल एक ही वृक्ष पर अलग-अलग स्थित होते हैं। इसके फल लगभग गोल, चिकने, हल्के हरे-पीले रंग के होते हैं तथा उन पर छह स्पष्ट अनुदैर्ध्य धारियाँ (vertical grooves) होती हैं। फल शरद ऋतु में पकते हैं और स्वाद में खट्टे, कसैले तथा हल्के कड़वे होते हैं।

    आँवला विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट, पॉलीफेनॉल तथा टैनिन का अत्यंत समृद्ध स्रोत है और आयुर्वेद में इसे "रसायन" (Rejuvenative) औषधि माना गया है। इसके फल अचार, मुरब्बा, कैंडी, जूस, चूर्ण तथा विभिन्न औषधीय उत्पादों के निर्माण में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। आयुर्वेद का प्रसिद्ध हर्बल योग त्रिफला आँवला (Phyllanthus emblica), हरड़ (Terminalia chebula) तथा बहेड़ा (Terminalia bellirica) के सूखे फलों से बनाया जाता है। त्रिफला का उपयोग पाचन शक्ति बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ करने, शरीर के विषैले पदार्थों के निष्कासन (Detoxification), नेत्र स्वास्थ्य तथा समग्र शारीरिक स्वास्थ्य के संवर्धन के लिए सदियों से किया जाता रहा है।

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